Description
सुराज आ पहुँचा है सुपरसिटी—एक ऐसी जगह, जहाँ उसकी स्वच्छंदता को चुनौती देने वाला कोई दिखाई नहीं देता। लेकिन क्या होता है जब इंसान खुद ही अपने भीतर का कैदी बन जाए?
सुराज के अंदर एक ऐसा अंधेरा मौजूद है, जो उस पर पूरी तरह हावी होना चाहता है। जैसे-जैसे वह सुपरसिटी की गहराइयों में आगे बढ़ता है, उसका सामना एक ऐसे भयावह अंधकार से होता है, जो सिर्फ उसकी ताकत ही नहीं, उसके चरित्र और आत्मबल की भी परीक्षा लेने वाला है।
यह सिर्फ शक्ति की लड़ाई नहीं, बल्कि खुद के भीतर छिपे अंधेरे के खिलाफ एक खतरनाक संघर्ष है।
