Description
बारह साल की चहल रोज़ स्कूल की मुश्किलों से जूझती रहती है, तभी उसकी जिंदगी में एक नई टीचर आती हैं, जो उसे पहल नाम की एक कठपुतली उपहार में देती हैं। पहल सिर्फ एक खिलौना नहीं, बल्कि चहल की सबसे करीबी साथी और हिम्मत का प्रतीक बन जाती है, जो उसे हर कठिन पल में सहारा और आत्मविश्वास देती है।
लेकिन जब वही टीचर अचानक गायब हो जाती हैं, तो चहल और पहल उन्हें खोजने की यात्रा पर निकल पड़ते हैं। इस सफर के दौरान चहल अपने भीतर छिपे साहस को पहचानने लगती है। यह खोज न सिर्फ चहल और पहल के रिश्ते को और मजबूत बनाती है, बल्कि चहल को हर आने वाली चुनौती का सामना करने के लिए नई हिम्मत और आत्मविश्वास भी देती है।

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